अजमेर जिला सामान्य ज्ञान
अजमेर जिला सामान्य ज्ञान राजस्थान की प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे RPSC, RSSB, REET, CET, पटवारी, पुलिस, शिक्षक भर्ती एवं अन्य सरकारी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। अजमेर राजस्थान के इतिहास, धर्म, कला, संस्कृति, शिक्षा और स्वतंत्रता आंदोलन की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।
1. अजमेर जिला – एक नजर में
| तथ्य | जानकारी |
|---|---|
| जिला | अजमेर |
| संभाग | अजमेर संभाग |
| संभाग मुख्यालय | अजमेर |
| जिला मुख्यालय | अजमेर |
| प्रमुख उपनाम | राजस्थान का हृदय, राजस्थान का नाका, राजपूताना की कुंजी |
| जिला शुभंकर | खरमोर (Lesser Florican) |
| प्रमुख संरक्षण क्षेत्र | सोनखलिया/शोकलिया |
| प्रमुख पर्वत | अरावली पर्वतमाला |
| प्रमुख पहाड़ियाँ | नाग पहाड़, तारागढ़, रत्नागिरी |
| प्रमुख झील | आनासागर |
| अन्य झीलें | पुष्कर, फाईसागर, बीड़ तालाब |
| प्रमुख नदी | लूणी |
| अन्य नदी | रूपनगढ़ |
| प्रमुख धार्मिक स्थल | अजमेर शरीफ, पुष्कर |
| प्रमुख दुर्ग | तारागढ़ दुर्ग, मैगजीन दुर्ग |
| प्रमुख कला | किशनगढ़ चित्रकला |
| प्रसिद्ध चित्र | बणी-ठणी |
| प्रमुख संस्थान | RPSC, RBSE, Board of Revenue, MDSU |
| प्रमुख हवाई अड्डा | किशनगढ़ हवाई अड्डा |
2. अजमेर का प्रशासनिक स्वरूप
अजमेर राजस्थान के महत्वपूर्ण संभागीय मुख्यालयों में से एक है। प्रशासनिक पुनर्गठन के बाद अजमेर के पुराने भूभाग से ब्यावर और केकड़ी जैसे नए जिले बनाए गए, जिसके कारण पुराने अजमेर जिले की सीमाओं और कई ऐतिहासिक स्थलों की प्रशासनिक स्थिति में बदलाव आया है।
अजमेर संभाग
अजमेर संभाग के संदर्भ में परीक्षा में प्रशासनिक पुनर्गठन से जुड़े प्रश्न महत्वपूर्ण हैं। उपलब्ध प्रशासनिक स्रोतों के अनुसार संभाग से जुड़े जिलों में:
- अजमेर
- केकड़ी
- ब्यावर
- टोंक
- भीलवाड़ा
- नागौर
अजमेर के प्रमुख क्षेत्र
- अजमेर
- पुष्कर
- किशनगढ़
- नसीराबाद
- रूपनगढ़
- पीसांगन
- अरांई
- अन्य ग्रामीण एवं ऐतिहासिक क्षेत्र
3. अजमेर जिला – भौगोलिक स्थिति
अजमेर जिला अरावली पर्वतमाला के मध्य भाग में स्थित है। नाग पहाड़ और तारागढ़ पहाड़ी अजमेर की भौगोलिक पहचान हैं।
सीमाएँ
- उत्तर – नागौर
- दक्षिण – भीलवाड़ा
- पूर्व – टोंक एवं जयपुर
- पश्चिम – पाली
अजमेर का भूभाग मुख्यतः अर्ध-शुष्क प्रकृति का है।
4. अजमेर की प्रमुख नदियाँ
लूणी नदी
लूणी राजस्थान की प्रमुख पश्चिमी नदियों में से एक है।
- उद्गम – नाग पहाड़, अजमेर
- उद्गम क्षेत्र में इसे सागरमती कहा जाता है।
- गोविंदगढ़ के पास सरस्वती नाले से मिलने के बाद इसे लूणी कहा जाता है।
- आगे चलकर यह पश्चिमी राजस्थान की ओर बहती है।
उत्तर – नाग पहाड़, अजमेर
रूपनगढ़ नदी
- उद्गम – सलेमाबाद क्षेत्र
- दिशा – उत्तर की ओर
- अंतिम प्रवाह – सांभर झील
- सलेमाबाद इसी नदी के किनारे स्थित महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र है।
5. अजमेर की प्रमुख झीलें
आनासागर झील
- निर्माण – अर्णोराज चौहान (आनाजी)
- लगभग 12वीं शताब्दी में निर्माण
- जहाँगीर ने इसके किनारे दौलत बाग बनवाया।
- शाहजहाँ ने यहाँ संगमरमर की बारादरियाँ बनवाईं।
आनासागर की बारादरियाँ
शाहजहाँ द्वारा निर्मित संगमरमर की बारादरियाँ अजमेर की प्रमुख स्थापत्य धरोहरों में शामिल हैं।
फाईसागर झील
- निर्माण – 1891-92 ई.
- उद्देश्य – अकाल राहत कार्य
- निर्माण इंजीनियर फाई के निर्देशन में कराया गया।
पुष्कर झील
- 52 घाटों के लिए प्रसिद्ध
- कार्तिक पूर्णिमा पर विशेष धार्मिक महत्व
- पुष्कर मेले का प्रमुख केंद्र
6. अजमेर का प्राचीन इतिहास
अजमेर का प्राचीन इतिहास मुख्यतः चौहान वंश से जुड़ा हुआ है। अजमेर का प्राचीन नाम अजयमेरु/अजयमेर माना जाता है।
अजयराज चौहान
- अजयराज चौहान ने लगभग 1113 ई. में अजमेर नगर को स्थापित किया।
- गढ़बीठली पहाड़ी पर दुर्ग का निर्माण कराया।
- यह दुर्ग बाद में तारागढ़ के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
7. अर्णोराज चौहान और आनासागर
अर्णोराज चौहान को आनाजी के नाम से भी जाना जाता है।
- आनासागर झील का निर्माण
- पुष्कर में वराह मंदिर से संबंध
8. विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव)
- चौहानों का स्वर्णकाल
- संस्कृत साहित्य को संरक्षण
- 'हरिकेलि नाटक' की रचना
- संस्कृत शिक्षा के लिए पाठशाला का निर्माण
9. पृथ्वीराज चौहान तृतीय
पृथ्वीराज चौहान तृतीय अजमेर के सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक शासकों में से एक हैं।
- तराइन का प्रथम युद्ध – 1191: पृथ्वीराज चौहान की विजय।
- तराइन का द्वितीय युद्ध – 1192: मोहम्मद गोरी की विजय।
10. अजमेर का मध्यकालीन इतिहास
अकबर और अजमेर
अकबर अजमेर को धार्मिक और रणनीतिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण मानता था।
- मैगजीन दुर्ग / अकबर का किला – निर्माण 1570 ई., निर्माता अकबर, दूसरा नाम दौलतखाना।
11. दौराई का युद्ध – 1659
अजमेर के निकट दौराई में 1659 ई. में मुगल उत्तराधिकार का महत्वपूर्ण युद्ध हुआ।
- औरंगजेब बनाम दारा शिकोह – औरंगजेब विजयी।
उत्तर – औरंगजेब और दारा शिकोह
12. मैगजीन दुर्ग और सर थॉमस रो
10 जनवरी 1616 को ब्रिटिश सम्राट जेम्स प्रथम के राजदूत सर थॉमस रो ने जहाँगीर से अजमेर में मुलाकात की थी।
13. 1857 की क्रांति और नसीराबाद
- 28 मई 1857 को नसीराबाद छावनी में सैनिक विद्रोह हुआ।
- प्रमुख सैन्य टुकड़ी – 15वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री
14. अजमेर-मेरवाड़ा और राजस्थान में विलय
- स्वतंत्रता के समय अजमेर अजमेर-मेरवाड़ा के रूप में अलग प्रशासनिक इकाई था।
- हरिभाऊ उपाध्याय – 'दास साहब' के नाम से जाने जाते थे।
- 1 नवंबर 1956 को राज्य पुनर्गठन के दौरान अजमेर राजस्थान का हिस्सा बना।
15. अजमेर के प्रमुख दुर्ग
1. तारागढ़ दुर्ग
- प्राचीन नाम: गढ़बीठली, अजयमेरु दुर्ग
- उपनाम: राजस्थान का जिब्राल्टर, राजपूताना की कुंजी
- "राजस्थान का जिब्राल्टर" – बिशप हेबर से जोड़ी जाती है।
प्रमुख बुर्ज
- घूंघट बुर्ज, गूगड़ी बुर्ज, बांद्रा बुर्ज, इमली बुर्ज, फूटी बुर्ज, शृंगार चंवरी बुर्ज
जल संरचनाएँ
- बड़ा झालरा, नाना साहब का झालरा, गोल झालरा
16. मैगजीन दुर्ग / अकबर का किला
- निर्माण – 1570 ई., निर्माता – अकबर
- नाम – दौलतखाना/मैगजीन दुर्ग
17. अढ़ाई दिन का झोंपड़ा
- मूल रूप से संस्कृत शिक्षा से संबंधित, विग्रहराज चतुर्थ से जोड़ा जाता है।
- बाद में कुतुबुद्दीन ऐबक के काल में मस्जिद के रूप में परिवर्तित।
उत्तर – अजमेर
18. अजमेर शरीफ दरगाह
- ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती (गरीब नवाज)
- दरगाह के प्रमुख द्वार: निजाम गेट, शाहजहाँ गेट, बुलंद दरवाजा
- उर्स – इस्लामी कैलेंडर के रज्जब माह में
- बड़ी देग – अकबर से संबंधित; छोटी देग – जहाँगीर से
19. पुष्कर – तीर्थराज
- तीर्थराज पुष्कर, 52 घाट
- ब्रह्मा मंदिर – भारत के प्रसिद्ध ब्रह्मा मंदिरों में से एक
- सावित्री माता मंदिर – रत्नागिरी पहाड़ी पर, रोपवे सुविधा
- रंगजी मंदिर – द्रविड़ स्थापत्य शैली
20. पुष्कर मेला
- समय: कार्तिक शुक्ल एकादशी से कार्तिक पूर्णिमा तक
- विशेषताएँ: धार्मिक स्नान, पशु मेला, ऊँट व्यापार, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विदेशी पर्यटक
21. किशनगढ़ चित्रकला शैली
- सावंत सिंह (नागरीदास) – स्वर्णकाल
- प्रसिद्ध चित्रकार निहालचंद
- सबसे प्रसिद्ध चित्रकृति बणी-ठणी – "भारत की मोनालिसा"
22. सोनी जी की नसियां
- दूसरा नाम – लाल मंदिर
- प्रथम जैन तीर्थंकर ऋषभदेव/आदिनाथ को समर्पित
- मुख्य कक्ष – सुवर्ण नगरी
23. सलेमाबाद – निम्बार्क पीठ
- रूपनगढ़ नदी के किनारे, निम्बार्क संप्रदाय की प्रमुख पीठ
24. अजमेर की लोक संस्कृति
चरी नृत्य
- किशनगढ़ एवं अजमेर क्षेत्र की प्रसिद्ध लोक नृत्य परंपरा
- प्रसिद्ध कलाकार: फलकू बाई
उत्तर – चरी नृत्य
25. अजमेर के प्रमुख मेले
- पुष्कर मेला – कार्तिक पूर्णिमा
- बादशाह का मेला – ब्यावर
- फूलडोल मेला – ब्यावर एवं रामस्नेही परंपरा
26. अजमेर का जिला शुभंकर – खरमोर
- खरमोर (Lesser Florican) – जिला शुभंकर
- सोनखलिया/शोकलिया – संरक्षण एवं प्रजनन क्षेत्र
- अन्य स्थानीय नाम: केरती, छोटा तिलोर
उत्तर – खरमोर (Lesser Florican)
27. टाडगढ़-रावली क्षेत्र
अरावली क्षेत्र में स्थित, पैंथर, भालू तथा अन्य वन्यजीवों के लिए जाना जाता है।
28. मांगलियावास का कल्पवृक्ष
- लगभग 800 वर्ष पुराने कल्पवृक्ष के जोड़े
- कल्पवृक्ष मेला – हरियाली अमावस्या, श्रावण माह
29. अजमेर के प्रमुख पुरातात्विक स्थल
- पुष्कर क्षेत्र में प्राचीन पाषाण उपकरण
- प्रमुख सामग्री: पुरा-पाषाण औजार, माइक्रोलिथ, हाथ-कुल्हाड़ी, प्राचीन मृद्भांड
30. अजमेर से जुड़े प्रमुख साहित्यकार
- जयानक – 'पृथ्वीराज विजय' (संस्कृत)
- चंद्रबरदाई – 'पृथ्वीराज रासो'
- सोमदेव – 'ललित विग्रहराज'
31. हरविलास शारदा
- समाज सुधारक, शिक्षाविद्, न्यायविद
- बाल विवाह निरोधक कानून, 1929 – शारदा एक्ट
32. अजमेर के स्वतंत्रता सेनानी एवं प्रमुख व्यक्तित्व
- हरिभाऊ उपाध्याय – हटूंडी में गांधी आश्रम, महिला शिक्षा
- अर्जुन लाल सेठी – क्रांतिकारी
- राव गोपाल सिंह खरवा – सशस्त्र क्रांति, टाडगढ़ में नजरबंदी
- सेठ दामोदर दास राठी – कृष्णा मिल, ब्यावर
33. हटूंडी का गांधी आश्रम
हरिभाऊ उपाध्याय ने यहाँ गांधी आश्रम एवं महिला शिक्षा सदन स्थापित किए।
34. स्वामी दयानंद सरस्वती और अजमेर
- निधन 1883 में अजमेर में
- आर्य समाज, परोपकारिणी सभा से संबंध
35. अजमेर के प्रमुख शैक्षणिक एवं प्रशासनिक संस्थान
- RPSC – मुख्यालय अजमेर
- RBSE – मुख्यालय अजमेर (स्थापना 1957)
- Board of Revenue – मुख्यालय अजमेर (1949)
- MDSU – स्थापना 1987, अजमेर
- Mayo College – 1875, लॉर्ड मेयो के नाम पर
- Regional Institute of Education – NCERT का क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान
36. राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र – तबीजी
- National Research Centre on Seed Spices (NRCSS) – तबीजी, अजमेर
- प्रमुख अनुसंधान: सौंफ, धनिया, जीरा, मेथी आदि
37. कृषि एवं अंडा उत्पादन
अजमेर को "अण्डों की टोकरी" कहा जाता है। पोल्ट्री पालन एवं पशुपालन महत्वपूर्ण।
38. किशनगढ़ की मार्बल मंडी
भारत की प्रमुख मार्बल मंडियों में से एक। मार्बल कटिंग, पॉलिशिंग, प्रोसेसिंग का बड़ा केंद्र।
- प्रमुख खनिज: संगमरमर, फेल्सपार, क्वार्ट्ज, वर्मीक्यूलाइट
39. ब्यावर का औद्योगिक इतिहास
- कृष्णा मिल्स – 1889, सेठ दामोदर दास राठी
40. HMT किशनगढ़
Hindustan Machine Tools (HMT) की औद्योगिक इकाई (अब बंद) – चेकोस्लोवाकिया के सहयोग से स्थापित।
41. अजमेर की परिवहन व्यवस्था
- रेलवे – उत्तर-पश्चिम रेलवे का महत्वपूर्ण केंद्र
- लोको एवं कैरिज वर्कशॉप
- हवाई मार्ग – किशनगढ़ हवाई अड्डा
42. अजमेर के प्रमुख पर्यटन स्थल
- अजमेर शरीफ दरगाह
- तारागढ़ दुर्ग
- अढ़ाई दिन का झोंपड़ा
- मैगजीन दुर्ग
- आनासागर झील
- आनासागर बारादरी
- दौलत बाग
- सोनी जी की नसियां
- नारेली जैन मंदिर
- पुष्कर झील
- ब्रह्मा मंदिर
- सावित्री माता मंदिर
- रंगजी मंदिर
- किशनगढ़
- बणी-ठणी से संबंधित स्थल
43. अजमेर के महत्वपूर्ण स्थापत्य तथ्य
- हाथीभाटा – अजमेर-जयपुर मार्ग पर विशाल हाथी के आकार की चट्टान
- तारागढ़ के झालरे – बड़ा झालरा, गोल झालरा, नाना साहब का झालरा
44. अजमेर के प्रमुख धार्मिक केंद्र
| धार्मिक स्थल | विशेषता |
|---|---|
| अजमेर शरीफ | ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती |
| पुष्कर | ब्रह्मा मंदिर एवं पुष्कर झील |
| सोनी जी की नसियां | ऋषभदेव |
| सलेमाबाद | निम्बार्क संप्रदाय |
| नारेली | जैन धार्मिक स्थल |
| सावित्री मंदिर | रत्नागिरी पहाड़ी |
| सरवाड़ | ख्वाजा फखरुद्दीन चिश्ती की दरगाह |
45. अजमेर – महत्वपूर्ण प्रशासनिक पुनर्गठन तथ्य
- ब्यावर नगर, बादशाह का मेला, कृष्णा मिल्स, टाडगढ़ के कुछ भाग – अब ब्यावर जिला
- केकड़ी, सरवाड़ – अब केकड़ी जिला
- वर्तमान अजमेर: अजमेर, पुष्कर, किशनगढ़, तबीजी, नसीराबाद, रूपनगढ़, पीसांगन
46. अजमेर के 25 महत्वपूर्ण कठिन MCQs
उत्तर: (C) खरमोर
उत्तर: (B) Lesser Florican
उत्तर: (B) सोनखलिया/शोकलिया
उत्तर: (B) अजयराज
उत्तर: (B) अर्णोराज
उत्तर: (B) नाग पहाड़
उत्तर: (A) सागरमती
उत्तर: (C) सांभर
उत्तर: (B) तारागढ़
उत्तर: (A) गढ़बीठली
उत्तर: (C) अकबर
उत्तर: (B) मैगजीन दुर्ग
उत्तर: (B) औरंगजेब और दारा शिकोह
उत्तर: (C) विग्रहराज चतुर्थ
उत्तर: (A) जयानक
उत्तर: (B) चंद्रबरदाई
उत्तर: (B) संस्कृत पाठशाला
उत्तर: (C) ऋषभदेव
उत्तर: (B) बणी-ठणी
उत्तर: (A) निहालचंद
उत्तर: (B) बाल विवाह रोकथाम
उत्तर: (B) नसीराबाद
उत्तर: (B) अकाल राहत
उत्तर: (B) तबीजी
उत्तर: (A) किशनगढ़
47. अजमेर जिला – 50+ Quick One-Liners
48. प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण Facts
अजयराज – अजमेर स्थापना
अर्णोराज – आनासागर
विग्रहराज – हरिकेलि
पृथ्वीराज – तराइन
अकबर – मैगजीन दुर्ग
दौराई – औरंगजेब बनाम दारा शिकोह
1857 – नसीराबाद
नाग पहाड़ – लूणी उद्गम
रूपनगढ़ – सांभर झील
अरावली – प्रमुख पर्वतमाला
आनासागर – प्रमुख ऐतिहासिक झील
फाईसागर – अकाल राहत
किशनगढ़ – बणी-ठणी
निहालचंद – बणी-ठणी
सावंत सिंह – नागरीदास
चरी नृत्य – किशनगढ़
पुष्कर मेला – कार्तिक पूर्णिमा
अजमेर शरीफ – ख्वाजा मोइनुद्दीन
पुष्कर – ब्रह्मा मंदिर
सोनी जी – ऋषभदेव
सलेमाबाद – निम्बार्क
अजमेर संभाग – अजमेर
RPSC – अजमेर
RBSE – अजमेर
Board of Revenue – अजमेर
MDSU – अजमेर
अजमेर शुभंकर – खरमोर
Lesser Florican
सोनखलिया/शोकलिया – संरक्षण
निष्कर्ष
अजमेर राजस्थान का ऐसा जिला है जहाँ इतिहास, धर्म, कला, संस्कृति, शिक्षा, प्रशासन, उद्योग और पर्यटन सभी का अद्भुत संगम दिखाई देता है। चौहान काल से लेकर मुगल काल, 1857 की क्रांति, स्वतंत्रता आंदोलन और आधुनिक राजस्थान के प्रशासनिक विकास तक अजमेर का योगदान महत्वपूर्ण रहा है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अजमेर को केवल अजमेर शरीफ और पुष्कर तक सीमित करके नहीं पढ़ना चाहिए। तारागढ़, मैगजीन दुर्ग, आनासागर, फाईसागर, नसीराबाद, दौराई, किशनगढ़ चित्रकला, बणी-ठणी, खरमोर, सोनखलिया, RPSC, RBSE, हरिभाऊ उपाध्याय, हरविलास शारदा, जयानक और प्रशासनिक पुनर्गठन जैसे विषय भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।
यदि आप राजस्थान GK की तैयारी कर रहे हैं तो इस अध्याय को पढ़ने के बाद Ajmer District MCQ Practice जरूर करें, क्योंकि RPSC/RSSB जैसी परीक्षाओं में तथ्यात्मक और मिलान आधारित प्रश्न पूछे जा सकते हैं।