कालीबंगा (Kalibangan) – Complete Exam Notes + MCQ Quiz

कालीबंगा सभ्यता (Kalibangan)

सिंधु घाटी सभ्यता · राजस्थान का प्रमुख पुरातात्विक हड़प्पा स्थल

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1. सामान्य परिचय

विषयविवरण
स्थिति / जिलाहनुमानगढ़, राजस्थान (उत्तर राजस्थान)
नदी मार्गघग्घर नदी घाटी (प्राचीन सरस्वती/द्वषद्वती नदी के तट पर)
सभ्यता कालकांस्य युगीन सभ्यता · लगभग 2350 ई.पू. – 1750 ई.पू. (C-14 अनुसार)
शाब्दिक अर्थकाली + बंगा = "काली चूड़ियाँ" (पंजाबी भाषा का शब्द बंगा)

2. खोज एवं उत्खनन

चरणनेतृत्वकर्तासमय काल
सर्वप्रथम खोज (Identification)अमलानंद घोष1951-1953
व्यापक उत्खनन (Excavation)बी. बी. लाल (ब्रजवासी लाल) एवं बी. के. थापर (बालकृष्ण थापर)1961–1969

विशेष नोट: इतिहासकार डॉ. दशरथ शर्मा ने कालीबंगा को सिंधु घाटी साम्राज्य की 'तीसरी राजधानी' की संज्ञा दी है।

3. प्रमुख विशेषताएँ

🌾 विश्व का प्राचीनतम जुता हुआ खेत

यहाँ प्राक-हड़प्पा स्तर से ग्रिड पैटर्न पर जुते हुए खेत के साक्ष्य मिले हैं, जिसमें एक साथ दो फसलें (जैसे पूर्व-पश्चिम में चना और उत्तर-दक्षिण में सरसों) उगाने की व्यवस्था थी।

🔥 सात आयताकार अग्निकुण्ड (Fire Altars)

दुर्ग टीले के दक्षिण भाग में मिट्टी के चबूतरे पर एक कतार में बने 7 आयताकार अग्निकुंड या यज्ञ वेदियाँ प्राप्त हुई हैं, जिनमें राख और पशुओं की हड्डियों के साक्ष्य धार्मिक बलि प्रथा की ओर संकेत करते हैं

🏛️ द्वि-टीला नगर योजना (Dual Citadel)

यह नगर दो भागों में विभक्त था - पश्चिमी टीला (प्रशासनिक दुर्ग क्षेत्र) तथा पूर्वी टीला (निचला नगर जहाँ सामान्य नागरिक रहते थे)। दोनों भाग अलग-अलग प्राचीर (सुरक्षा दीवार) से घिरे थे।

💧 अनोखी जल निकासी प्रणाली

शुरुआती दौर में यहाँ लकड़ी की नालियाँ (खोखले तने) बनाने का अनूठा साक्ष्य मिला है। बाद में पक्की ईंटों की सुनियोजित नालियाँ सड़कों के नीचे बनाई गईं।

मकान संरचना: मकानों के निर्माण में मुख्य रूप से धूप में सुखाई गई कच्ची ईंटों का उपयोग होने के कारण इसे 'दीन-हीन की बस्ती' भी कहा जाता है। ईंटों का निश्चित आकार $4:2:1$ के अनुपात में था। यहाँ से अलंकृत ईंटों के फर्श का एकमात्र साक्ष्य भी मिला है।

4. प्राप्त वस्तुएँ (Archaeological Finds)

  • शल्य चिकित्सा का साक्ष्य: एक बच्चे की खोपड़ी जिसमें 6 छेद हैं, जो प्राचीन हाइड्रोसिफेली बीमारी या शल्य चिकित्सा का विश्व में प्रथम प्रमाण है।
  • भूकंप के प्राचीनतम प्रमाण: मकानों की दीवारों में मिली दरारें प्राचीनतम प्राकृतिक भूकंपीय हलचल को दर्शाती हैं।
  • बेलगाड़ी के मिट्टी के पहिए और खिलौने।
  • मेसोपोटामिया की सभ्यता के साथ व्यापार दर्शाने वाली बेलनाकार मुहरें (Cylindrical Seals)
  • मिट्टी और कांच की बनी काली चूड़ियाँ।
  • ताँबे से निर्मित बैल की आकृति (Copper Bull)।
  • लाल रंग के मृद्भांड (बर्तन) जिन पर सफेद और काले रंग की ज्यामितीय चित्रकारी है।

5. क्या नहीं मिला? (Negative Evidences)

घोड़े के स्पष्ट अवशेष नहीं: यहाँ से घोड़े की अस्थियों या स्पष्ट परिचय के पुख्ता प्रमाण नहीं मिले हैं।

विशाल स्नानागार (Great Bath) का अभाव: सार्वजनिक या विशाल सामूहिक स्नानागार के साक्ष्य यहाँ नहीं हैं, यह मुख्य रूप से मोहनजोदड़ो की पहचान है।

लोहे का पूर्ण अभाव: यह एक कांस्य युगीन और ताम्र युगीन सभ्यता थी, लोहे का प्रयोग यहाँ बिल्कुल नहीं होता था।

6. सिंधु सभ्यता के प्रमुख स्थलों से तुलना

स्थलप्रमुख विशिष्ट पहचान बिंदु
कालीबंगा (राजस्थान)प्राचीनतम जुता खेत, शल्य चिकित्सा खोपड़ी, 7 अग्निकुंड, लकड़ी की नाली
मोहनजोदड़ो (सिंध)विशाल स्नानागार, काँसे की नर्तकी की मूर्ति, सूती कपड़ा
हड़प्पा (पंजाब)आर-37 कब्रिस्तान, शंख का बना बैल, विशाल अन्नागार
लोथल (गुजरात)गोदीवाड़ा (Dockyard), ममी का मॉडल, चालाक लोमड़ी के चित्र
धोलावीरा (गुजरात)त्रिस्तरीय नगर नियोजन, विशाल जलाशय, स्टेडियम

7. MCQ अभ्यास – स्वयं का मूल्यांकन करें

📊 कुल प्रगति: 0 / 0 हल किए लाइव स्कोर: 0/0

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