प्रधानमंत्री जन धन योजना · 12 वर्ष · ब्लॉग

प्रधानमंत्री जन धन योजना

12 वर्ष · 2014–2026
59.09 करोड़कुल खाते
₹3.17 लाख करोड़जमा राशि
56%महिला खाताधारक
78%ग्रामीण/अर्ध-शहरी
41.29 करोड़रूपे कार्ड
PMJDY : परिचय

प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) अगस्त 2014 में प्रारंभ की गई, जिसका उद्देश्य किफायती तरीके से वित्तीय सेवाओं (बचत, जमा, धन प्रेषण, ऋण, बीमा, पेंशन) तक पहुँच सुनिश्चित करना है।

प्रतिमान परिवर्तन (2018): “प्रत्येक परिवार” से “प्रत्येक बैंक-रहित वयस्क” – व्यक्ति-केंद्रित दृष्टिकोण।
नोडल मंत्रालय वित्त मंत्रालय संचालन वित्तीय सेवा विभाग JAM स्तंभ जन धन-आधार-मोबाइल
PMJDY के अंतर्गत लाभ
शून्य शेष मूल बचत खाता (BSBD)
ब्याज बचत खाता ब्याज दर
लघु खाता OVD के अभाव में 12-24 माह
रूपे डेबिट कार्ड ATM + PoS / ई-कॉमर्स
दुर्घटना बीमा ₹2 लाख (28.08.2018 के बाद)
ओवरड्राफ्ट ₹10,000 तक (महिला/परिवार)
अन्य योजनाएँ DBT, PMJJBY, PMSBY, APY, MUDRA
महत्त्व एवं उपलब्धियाँ
JAM ट्रिनिटी डायवर्जन-प्रूफ DBT
गरीबी उन्मूलन विश्व बैंक – अत्यधिक गरीबी में कमी
राजकोषीय बचत DBT से ~₹3.48 लाख करोड़ (2023)
औपचारिकीकरण सीमांत बचत का औपचारिक क्षेत्र में समावेश
गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड जनवरी 2015: 18,096,130 खाते / सप्ताह
वैश्विक मॉडल विश्व बैंक, IMF द्वारा सराहना
वित्तीय समावेशन सूचकांक: 2018: 53.9 → 2026: 67
चुनौतियाँ
  • 🔹 निष्क्रियता: कई खाते लंबे समय तक निष्क्रिय, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में
  • 🔹 डिजिटल साक्षरता: UPI/ऑनलाइन बैंकिंग के प्रति सीमित जागरूकता व साइबर फ्रॉड की आशंका
  • 🔹 अवसंरचनात्मक बाधाएँ: 'छाया क्षेत्रों' में कमज़ोर नेटवर्क, AePS लेन-देन विफल
  • 🔹 सीमित ओवरड्राफ्ट: पुनर्भुगतान जोखिम व 6 माह संतोषजनक संचालन की शर्त
  • 🔹 नकद-आधारित उपयोग: DBT राशि तुरंत निकासी, बचत/ऋण/निवेश की आदत का अभाव
PMJDY को मज़बूत करने हेतु उपाय
पहुँच → सक्रिय उपयोग सूक्ष्म बचत प्रोत्साहन, अनुकूलित ऋण उत्पाद
अंतिम छोर की तकनीक आईरिस/चेहरा पहचान, UPI 123PAY, UPI Lite X
बैंक सखी मॉडल SHG महिलाओं को स्थानीय बैंकिंग एजेंट
BC मॉडल सुधार निश्चित आधार वेतन + कमीशन
व्यवहारगत प्रोत्साहन DBT से स्वचालित बचत, PMJJBY/APY को बढ़ावा
निजी क्षेत्र की भागीदारी PSL के अंतर्गत उप-लक्ष्य, समान भागीदारी
निष्कर्ष

PMJDY के 12 वर्ष पूरे होने पर अब ध्यान वित्तीय गहनता पर केंद्रित होना चाहिए। अंतिम छोर की तकनीक, व्यवहारगत प्रोत्साहन, सूक्ष्म ऋण एवं बीमा के विस्तार से जन धन खाते धन सृजन, आर्थिक सशक्तीकरण और वित्तीय प्रत्यास्थता के प्रभावी साधन बन सकते हैं।

“PMJDY केवल खाता खोलने का अभियान नहीं, बल्कि समावेशी विकास और कल्याणकारी सेवाओं के वितरण का संस्थागत स्तंभ है।”
अक्सर पूछे गए प्रश्न (FAQ)
PMJDY क्या है और इसे कब शुरू किया गया?
प्रधानमंत्री जन धन योजना अगस्त 2014 में वित्तीय समावेशन हेतु राष्ट्रीय मिशन के रूप में प्रारंभ की गई।
2018 में दृष्टिकोण में क्या परिवर्तन हुआ?
“प्रत्येक परिवार” से “प्रत्येक बैंक-विहीन वयस्क” – व्यक्ति-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाया गया।
JAM त्रिमूर्ति में PMJDY की भूमिका?
PMJDY, जन धन–आधार–मोबाइल (JAM) का जन धन स्तंभ है, जो DBT को सक्षम बनाता है।
प्रमुख लाभ क्या हैं?
शून्य शेष खाता, रूपे कार्ड, दुर्घटना बीमा, ओवरड्राफ्ट, DBT, PMJJBY, PMSBY, APY, MUDRA तक पहुँच।
प्रमुख चुनौती क्या है?
वित्तीय पहुँच से वित्तीय गहनता की ओर बढ़ना – सक्रिय उपयोग, बचत, ऋण, बीमा, डिजिटल साक्षरता।
UPSC प्रिलिम्स · PYQ

प्रश्न (2016): 'अटल पेंशन योजना' के संबंध में कथन:

1. यह एक न्यूनतम गारंटित पेंशन योजना है, जो मुख्यतः असंगठित क्षेत्र के मज़दूरों को लक्षित करती है।
2. परिवार का केवल एक ही व्यक्ति इस योजना में शामिल हो सकता है।
3. अभिदाता की मृत्यु के पश्चात जीवनसाथी को आजीवन पेंशन की समान राशि गारंटित रहती है।

उत्तर: (c) केवल 1 और 3

प्रश्न (2010): भारत के संदर्भ में – बैंकों का राष्ट्रीयकरण, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का गठन, बैंक शाखाओं द्वारा गाँवों को गोद लेना।

इनमें से किसे "वित्तीय समावेशन" प्राप्त करने के कदम माना जा सकता है?

उत्तर: (D) 1, 2 और 3

मेन्स (2016): “क्या आप भारतीय समाज के गरीब वर्ग के वित्तीय समावेशन के लिये PMJDY से सहमत हैं? अपने मत की पुष्टि के लिये उचित तर्क दीजिये।”
प्रधानमंत्री जन धन योजना · 12 वर्ष · 2014–2026
स्रोत: PIB, RBI, विश्व बैंक · Drishti Style