July 23, 2026 10 min read 43 views Updated: Aug 25, 2026
राजस्थान के प्रमुख लोक नृत्य – Complete Notes
💃 राजस्थान के प्रमुख लोक नृत्य
सम्पूर्ण अध्ययन नोट्स — RPSC · RSMSSB · CET · REET · Patwari · LDC · Rajasthan Police
राजस्थान अपनी समृद्ध संस्कृति, रंग-बिरंगी वेशभूषा और लोक परंपराओं के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।
यहाँ के लोक नृत्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं।
📌 RPSC · RAS📌 RSMSSB IA · Patwari📌 CET · REET📌 LDC · Rajasthan Police📌 2-4 प्रश्न पूछे जाते हैं
राजस्थान के लोक नृत्यों का परिचय
राजस्थान की लोक संस्कृति में नृत्य का विशेष स्थान है। यहाँ के लोक नृत्य विविधता, रंग-बिरंगी वेशभूषा, लयबद्ध संगीत और अद्भुत कलाबाज़ियों के लिए जाने जाते हैं। प्रत्येक नृत्य की अपनी विशेषता, क्षेत्र, जनजाति और अवसर होता है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में लोक नृत्यों से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। इसलिए इनके नाम, क्षेत्र, जनजाति/समुदाय, विशेषताएँ, वाद्य यंत्र और प्रमुख कलाकारों की जानकारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
5 प्रमुख लोक नृत्य — विस्तृत अध्ययन
🔄 1. घूमर नृत्य (Ghoomar Dance)
प्रमुख क्षेत्र: उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा (मेवाड़)
प्रदर्शन: केवल महिलाएँ
अवसर: विवाह, तीज, गणगौर, होली
विशेषता: गोलाकार घूमते हुए नृत्य करना
वाद्य यंत्र: ढोल, नगाड़ा, हारमोनियम, मंजीरा
UNESCO मान्यता: राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान के रूप में विश्व स्तर पर प्रसिद्ध
Exam Point: घूमर राजस्थान का सबसे प्रसिद्ध महिला लोक नृत्य है। यह मेवाड़ क्षेत्र से प्रारंभ हुआ।
🐍 2. कालबेलिया नृत्य (Kalbelia Dance)
प्रमुख क्षेत्र: अजमेर, पाली, जोधपुर, पुष्कर
समुदाय: कालबेलिया (सपेरा) जनजाति
प्रदर्शन: मुख्यतः महिलाएँ
वेशभूषा: काले रंग का घाघरा जिस पर रंगीन कढ़ाई
वाद्य यंत्र: पुंगी, ढोलक, खंजरी
विशेषता: साँप की चाल जैसी लचकदार मुद्राएँ
🌟 UNESCO मान्यता: 2010 में UNESCO ने कालबेलिया नृत्य को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (Intangible Cultural Heritage) की सूची में शामिल किया।
Exam Point: कालबेलिया की प्रसिद्ध नर्तकी — गुलाबो सपेरा।
⚔️ 3. गेर नृत्य (Gair Dance)
प्रमुख क्षेत्र: मेवाड़ और मारवाड़
प्रदर्शन: पुरुष
अवसर: होली
विशेषता: हाथों में डंडे या तलवार लेकर गोलाकार नृत्य
वाद्य यंत्र: ढोल, नगाड़ा, शहनाई
Exam Point: गेर नृत्य होली पर्व पर किया जाने वाला पुरुष प्रधान लोक नृत्य है।
🔥 4. चरी नृत्य (Chari Dance)
प्रमुख क्षेत्र: किशनगढ़ (अजमेर), जयपुर
प्रदर्शन: महिलाएँ
विशेषता: सिर पर जलती हुई चरी (पीतल का घड़ा) रखकर संतुलन बनाते हुए नृत्य
अवसर: विवाह एवं शुभ समारोह
वाद्य यंत्र: ढोलक, हारमोनियम, मंजीरा
Exam Point: किशनगढ़ (अजमेर) की फलकू बाई चरी नृत्य की प्रसिद्ध नर्तकी हैं।
🎭 5. गवरी नृत्य (Gavari Dance)
प्रमुख क्षेत्र: उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा
समुदाय: भील जनजाति
अवसर: श्रावण-भाद्रपद के बाद
मुख्य विषय: भगवान शिव और देवी पार्वती से जुड़ी कथाएँ
अवधि: लगभग 40 दिन तक विभिन्न गाँवों में प्रदर्शन
विशेषता: नृत्य, अभिनय, संगीत और धार्मिक अनुष्ठानों का अद्भुत समन्वय
Exam Point: गवरी भील जनजाति का धार्मिक लोक नृत्य-नाट्य है। यह केवल नृत्य नहीं बल्कि एक पारंपरिक लोक नाटक भी है।
अन्य 10 प्रमुख लोक नृत्य
🤸
भवाई (Bhavai)
मेवाड़ · व्यावसायिक
सिर पर 7-8 मटके रखकर संतुलन, नंगे पाँव काँच/तलवार पर नृत्य।
कलाकार: रूपसिंह शेखावत, पुष्पा व्यास
🔔
तेरहताली (Terah Taali)
पाली, जैसलमेर · कामड़ जाति
शरीर पर 13 मंजीरे बाँधकर बैठकर नृत्य। रामदेव जी के मेले का आकर्षण।
कलाकार: मांगी बाई, लक्ष्मण दास
🐴
कच्छी घोड़ी (Kacchi Ghodi)
शेखावाटी · व्यावसायिक
काठ की कृत्रिम घोड़ी बाँधकर, हाथों में तलवार लेकर वीर-रस नृत्य।
पुरुष प्रधान · फूल खिलने का पैटर्न
🔥
अग्नि नृत्य (Agni Nritya)
बीकानेर (कतरियासर) · जसनाथी संप्रदाय
जलते अंगारों (धूंणा) पर 'फते-फते' के उद्घोष के साथ नृत्य।
धार्मिक · होली एवं जसनाथी मेले
🥁
बम / बम-रसिया (Bam)
भरतपुर, अलवर (मेवात) · क्षेत्रीय
विशाल नगाड़े 'बम' की गूंज के साथ रसिया गीत। फाल्गुन में नई फसल की खुशी।
पुरुष · होली
🌿
वालर (Walar)
सिरोही · गरासिया जनजाति
बिना किसी वाद्य यंत्र के दो अर्धवृत्तों में धीमी गति से नृत्य।
✨ गरासियों का घूमर · स्त्री-पुरुष
🥁
ढोल नृत्य (Dhol)
जालौर · क्षेत्रीय
'थाकना शैली' में ढोल बजाकर विवाह के अवसर पर नृत्य।
माली, सरगड़ा, ढोली, भील
🌀
चकरी (Chakri)
हाड़ौती (कोटा, बूंदी, झालावाड़) · कंजर जनजाति
अविवाहित युवतियाँ लट्टू की तरह तेज़ गति से चक्कर काटते हुए नृत्य।
कजली तीज · विवाह
🪘
चंग / दफ़ (Chang)
शेखावाटी · क्षेत्रीय
हाथ में चंग (बड़ा घेरादार वाद्य) लेकर वृत्त बनाकर नृत्य।
पुरुष · महाशिवरात्रि से होली तक
🪄
डांडिया (Dandia)
जोधपुर (मारवाड़) · पुरुष प्रधान
हाथ में डंडे टकराते हुए शहनाई और नगाड़े की थाप पर नृत्य।
होली के बाद · गुजरात से प्रभावित
Quick Revision Table
लोक नृत्य
श्रेणी/प्रकार
मुख्य क्षेत्र/जनजाति
प्रमुख विशेषता
घूमर
पारंपरिक
मेवाड़
गोलाकार घूमकर नृत्य
कालबेलिया
व्यावसायिक/धार्मिक
कालबेलिया (सपेरा)
साँप जैसी मुद्राएँ, UNESCO
गेर
क्षेत्रीय
मेवाड़, मारवाड़
होली पर डंडों के साथ नृत्य
चरी
व्यावसायिक
किशनगढ़ (अजमेर)
सिर पर जलती चरी
गवरी
धार्मिक
भील (उदयपुर, डूंगरपुर)
शिव-पार्वती कथाएँ, 40 दिन
भवाई
व्यावसायिक
मेवाड़
मटके/काँच/तलवार पर नृत्य
तेरहताली
व्यावसायिक/धार्मिक
कामड़ जाति
13 मंजीरे, बैठकर नृत्य
कच्छी घोड़ी
व्यावसायिक
शेखावाटी
काठ की घोड़ी, वीर-रस
अग्नि नृत्य
धार्मिक
जसनाथी (बीकानेर)
अंगारों पर 'फते-फते'
बम नृत्य
क्षेत्रीय
मेवात (अलवर-भरतपुर)
विशाल नगाड़ा 'बम'
वालर
जनजातीय
गरासिया (सिरोही)
बिना वाद्य यंत्र
ढोल नृत्य
क्षेत्रीय
जालौर
थाकना शैली में ढोल
चकरी
जनजातीय
कंजर (हाड़ौती)
तेज़ गति से चक्कर
चंग/दफ़
क्षेत्रीय
शेखावाटी
चंग वाद्य के साथ वृत्त
डांडिया
क्षेत्रीय
मारवाड़ (जोधपुर)
डंडों से नृत्य
परीक्षा-उपयोगी त्वरित तथ्य
राजस्थान का सबसे प्रसिद्ध महिला नृत्यघूमर
UNESCO मान्यता प्राप्त नृत्यकालबेलिया (2010)
होली पर किया जाने वाला नृत्यगेर
सिर पर जलती चरी वाला नृत्यचरी
भील जनजाति का धार्मिक नृत्यगवरी
बिना वाद्य यंत्र का नृत्यवालर
13 मंजीरों वाला नृत्यतेरहताली
काठ की घोड़ी वाला नृत्यकच्छी घोड़ी
अंगारों पर नृत्यअग्नि नृत्य
थाकना शैलीढोल नृत्य
कंजर जनजाति का नृत्यचकरी
गरासियों का घूमरवालर
विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्न (PYQs)
Q1. निम्नलिखित में से कौन सा लोक नृत्य बिना किसी वाद्य यंत्र के किया जाता है? (RPSC Jr. Accountant 2016)
उत्तर: (B) वालर — यह गरासिया जनजाति द्वारा बिना वाद्य यंत्र के धीमी गति में किया जाता है।
Q2. 2010 में UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में राजस्थान के किस लोक नृत्य को शामिल किया गया? (RAS Pre 2012)
उत्तर: (C) कालबेलिया — गुलाबो सपेरा इसकी प्रसिद्ध नर्तकी हैं।
Q3. 'थाकना शैली' का संबंध किस लोक नृत्य से है? (RSMSSB Patwari 2021)
उत्तर: (A) ढोल नृत्य — जालौर का ढोल नृत्य 'थाकना शैली' में ढोल बजाकर शुरू किया जाता है।
Q4. प्रसिद्ध 'फलकू बाई' का संबंध किस लोक नृत्य से है? (Rajasthan Police Constable 2020)
उत्तर: (B) चरी नृत्य — किशनगढ़ (अजमेर) की फलकू बाई चरी नृत्य की प्रसिद्ध नर्तकी हैं।
Q5. 'फते-फते' कहते हुए धधकते अंगारों पर किया जाने वाला नृत्य कौन सा है? (RPSC 2nd Grade 2018)
उत्तर: (C) अग्नि नृत्य — कतरियासर (बीकानेर) में जसनाथी संप्रदाय के सिद्धों द्वारा किया जाता है।
Q6. कामड़ जाति की महिलाओं द्वारा रामदेव जी के मेले में किया जाने वाला नृत्य कौन सा है? (RSMSSB Gram Sevak 2016)
उत्तर: (A) तेरहताली — इसमें 13 मंजीरे बाँधकर बैठकर नृत्य किया जाता है।
Q7. 'बम नृत्य' राजस्थान के किस क्षेत्र में मुख्यतः प्रचलित है? (RPSC Headmaster 2021)
उत्तर: (C) मेवात (अलवर-भरतपुर) — फाल्गुन में नई फसल पकने की खुशी में बड़े नगाड़े पर नृत्य।
30 अभ्यास प्रश्न (Interactive MCQs)
प्रत्येक प्रश्न पर क्लिक करें, सही उत्तर देखें और अपना स्कोर ट्रैक करें।
स्कोर: 0 / 30
निष्कर्ष
राजस्थान के लोक नृत्य राज्य की सांस्कृतिक पहचान और समृद्ध परंपरा का अभिन्न हिस्सा हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में इनसे जुड़े प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
यदि आप RPSC, RSMSSB, CET, REET, Patwari, LDC या Rajasthan Police जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो इन सभी 15 लोक नृत्यों की विशेषताएँ, संबंधित क्षेत्र, समुदाय और प्रमुख तथ्य अवश्य याद रखें।
नियमित रिवीजन करें और अभ्यास जारी रखें — बेस्ट ऑफ लक! 🚀